पर्यावरण

हम सब लोग ये जानते है की हम जिस गृह पर रहते है, यानि की पृथिवी जितनी दूषित आज हो गई थी उतनी पहले नहीं थी | आदिमानव से लेकर आधुनिक मानव तक ने प्रगति की बुलंदियों को छू लिया है |  विज्ञानं में तरक्की करना अच्छी बात है, लेकिन जैसे जैसे हम आगे की तरफ बढ़ रहे है ,बैसे बैसे हम पृथ्वी को भी नष्ट करते जा रहे | इसका मुख्य कारन है दैनिक प्रदुषण  और वनों की अंधाधुंध कटाई | जितने पेड़ हम प्रतिदिन लगते नहीं उससे कई गुने ज्यादा पेड़ हम काट देते है | जलवायु में दिन प्रतिदिन परिवर्तन होता जा रहा है परन्तु इस पर कोई भी  गंभीर रूप से ध्यान नहीं  दे रहा | वनों की काम होते जाने की वजह से कुछ जीव - जंतुओं की प्रजातियां भी विलुप्त हो चुकी है और कुछ विलुप्त होने की कगार पर है | वृक्षों का कमी का अहसास हमें अभी से प्रतीत होने लगा है जैसे बेमौसम बरसात, वर्षा का कम होना आदि | जहा हम हज़ारो साल से रह रहे है हम उस गृह को नहीं बचा रहे है बात करते है मंगल गृह पर मानव सभ्यता बसाने 😂😂😂😂  


            वातावरण को स्वच्छ बनाये रखना किसी एक व्यक्ति विशेष का कार्य नहीं है अपितु यह समस्त मानव सभ्यता को करना चहिए | 

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